दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: राजस्थान के अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश, 20 लाख की ऑनलाइन ठगी करने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार

addtext 05 28 03.43.29

फर्जी व्हाट्सएप डीपी लगाकर कंपनी से उड़ाए 20 लाख रुपये, रायपुर में बदल रहे थे ठिकाने

दुर्ग/भिलाई। दुर्ग पुलिस ने एक बड़ी साइबर ठगी का खुलासा करते हुए राजस्थान के अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल और कंपनी डायरेक्टर की फोटो का इस्तेमाल कर 20 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया था। थाना सुपेला और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रायपुर में घेराबंदी कर दबोच लिया।

पुलिस के अनुसार थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 712/2026 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।

ऐसे दिया ठगी को अंजाम

प्रकरण में प्रार्थी यश बत्रा निवासी सुंदर नगर भिलाई ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी कंपनी “साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड” के बैंक खाते से 20 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। आरोपियों ने कंपनी डायरेक्टर श्रीचंद बत्रा की फोटो लगाकर फर्जी व्हाट्सएप डीपी बनाई और कंपनी के अकाउंटेंट को विश्वास में लेकर एचडीएफसी बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करा ली।

जानकारी के मुताबिक कंपनी के तीनों डायरेक्टरों के बीच रकम लेनदेन के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप संचालित था, जिसमें ब्रांचों की जरूरत अनुसार पैसे भेजने का निर्देश दिया जाता था। आरोपी इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर फर्जी मैसेज भेजते थे और अकाउंटेंट से रकम ट्रांसफर करवा लेते थे।

होटल बदलकर किराए के मकानों में छिपने की फिराक में थे आरोपी

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देशन में थाना सुपेला एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण में सामने आया कि आरोपी संगठित तरीके से फर्जी बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करते थे और बाद में नकद निकासी कर लेते थे।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी “टोकन सिस्टम” के जरिए व्हाट्सएप और जंगी ऐप पर संपर्क कर रकम का बंटवारा करते थे। आरोपी रायपुर के तनिष्क होटल, राठौर चौक सहित अलग-अलग होटलों में रुककर लगातार ठिकाने बदल रहे थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे रायपुर में किराए के मकान भी तलाश रहे थे।

रायपुर में घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी

मुखबिर सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने रायपुर जय स्तंभ चौक के पास से आरोपी पंकज शर्मा सहित कुछ आरोपियों को संदिग्ध अवस्था में गिरफ्तार किया। वहीं अन्य आरोपी बूढ़ा तालाब क्षेत्र में किराए का मकान तलाशते हुए पकड़े गए।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे राजस्थान से आकर अलग-अलग शहरों में पहचान छिपाकर साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे। आरोपियों ने बताया कि राजस्थान के लोगों के आधार कार्ड में स्थानीय पता अपडेट कराकर रायपुर में बैंक खाते खुलवाए जाते थे और उन्हीं खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन और निकासी के लिए किया जाता था।

पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामान किया जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नगदी सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं।

1002013939

जब्त सामग्री:

  • नगद रकम – 1 लाख 20 हजार रुपये
  • मोबाइल फोन – 6 नग
  • डेबिट कार्ड – 10 नग
  • पैन कार्ड – 4 नग
  • आधार कार्ड – 1 नग
  • वोटर आईडी – 1 नग
  • ड्राइविंग लाइसेंस – 1 नग
  • चेक बुक – 4 नग
  • पासबुक – 1 नग
  • आधार कार्ड एक्नॉलेजमेंट – 4 प्रति
  • सिम कार्ड – 3 नग
  • डिपॉजिट स्लिप – 12 प्रति
  • फोटो – 12 प्रति
  • कॉपी – 1 नग

गिरफ्तार आरोपी

  1. मुरली जनागल (19 वर्ष), निवासी अमरपुरा, बीकानेर राजस्थान
  2. गोपाल सोनी (25 वर्ष), निवासी चीपड़ाबाड़ी, बीकानेर राजस्थान
  3. मोती सिंह (18 वर्ष), निवासी सोइरा शेरगढ़, जोधपुर राजस्थान
  4. मोतीलाल शर्मा (18 वर्ष), निवासी बापीनी, जोधपुर राजस्थान
  5. बनवारी शर्मा (28 वर्ष), निवासी गंगाशहर, बीकानेर राजस्थान
  6. पंकज शर्मा (24 वर्ष), निवासी लोहावट, जोधपुर राजस्थान

पुलिस की तकनीकी सतर्कता से मिली सफलता

दुर्ग पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा ठगी की रकम को कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर छिपाने की कोशिश की गई थी, लेकिन तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग ट्रेल और लगातार निगरानी के चलते गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका। थाना सुपेला और एसीसीयू टीम की संयुक्त कार्रवाई से साइबर अपराध के इस बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

पुलिस अब आरोपियों के अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क और बैंक खातों की भी जांच कर रही है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *